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निदेशक का संदेश

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आधे दशक से भी अधिक समय में भारतीय प्रबंध संस्थानों ने गुणवत्ता और उपलब्धियों का एक अपरिहार्य रिकार्ड स्थापित किया है। आईआईएम उदयपुर इस गौरवशाली विरासत का निर्माण करने तथा इसी दौरान नवाचार लाने और हमारी सभी गतिविधियों में अनन्य परिदृश्य लाने के अवसर का लाभ उठाने हेतु सुस्थापित है।

हमारी प्रेरणा भारत तथा विदेशों में प्रबंधन शिक्षा में अग्रणियों से ली गयी है। आईआईएमयू वैश्विक ज्ञान का सृजन करते हुए विश्व स्तर के प्रबंधन स्कूलों में स्थान बनाने की आकांक्षा रखता है। हम कार्यक्रम प्रदान करने हेतु सर्वोत्तम गुणवत्तापरक शिक्षण के साथ ज्ञान के प्रसार में अग्रणी होंगे। परंतु हम शोध तथा ज्ञान के सृजन पर भी समान जोर देते हैं और हमने युवा और उत्कृष्ट संकाय को आकर्षित किया है जिनकी उत्सुकता और कौशल इस उद्देश्य को प्राप्त करने में सहायक होगी।

आईआईएमयू उन नेताओं तथा उद्यमियों का पोषण करने के प्रति वचनबद्व है जो उभरती हुई अर्थव्यवस्था में अपने संगठनों को मजबूत करेंगे। इसी दौरान वे क्षेत्र तथा राष्ट्र के प्रति गहराई से समर्पित हैं। एक मौलिक वरीयता हमारे छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी का प्रभाव पैदा करने; उन्हें यह समझाने कि यह कितना कठिन और चुनौतीपूर्ण हो सकता है; और उनके ज्ञान तथा बौद्विक आयामों का विस्तार करने ताकि वे व्यापार जगत और बड़े स्तर पर समाज में प्रभाव डालने के लिए परिवर्तित और तैयार होकर निकलें आदि के लिए प्रबंधकों के रूप में उनकी वचनबद्धता की भावना का समावेषन करना है।

हमने जागरूक तरीके से एक ऐसी संस्कृति का निर्माण किया है जो सभी स्तरों पर खुले तरीके से अध्ययन और पहुंच का महत्व समझती है। निकट भविष्य में हम अद्वितीय अवसंरचना तथा प्रौद्योगिकी के साथ विश्व स्तर के परिसर का निर्माण कार्य पूरा कर लेंगे। यह परिसर एक ऐसा आधार होगा जहां से हम अंतर्राष्ट्रीय ख्याति का एक प्रबंधन संस्थान निर्मित करने के लिए अगले बीस वर्ष तरक्की करेंगे।

जनत शाह
निदेशक, आईआईएम उदयपुर