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पीजीपी एक नजर में

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पीजीपी एक नजर में

पीजीपी एक नजर में | पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (पीजीपी)  | कार्यक्रम | Home

दो वर्षीय पूर्णकालीन पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (पीजीपी) आईआईएमयू का प्रमुख कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए एक परिवर्तनकारी अनुभव हेतु बनाया गया है, जो उन्हें सामाजिक रूप से जिम्मेदार और अत्यधिक कुशल प्रबंधकों के रूप में उनके संगठन को उत्कृष्टता के पथ पर अग्रसर करते हुए विकसित कर रहा है। दो वर्ष के छह अंतराल का यह कार्यक्रम, प्रथम वर्ष के अंत में एक अनिवार्य काॅर्पोरेट इंटर्नशिप के साथ है। छात्र एमबीए की डिग्री के समकक्ष प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त करता है।

आवश्यक तत्व

कार्यक्रम के पाँच आवश्यक तत्व:

वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाऐ

पीजीपी प्रबंधन के सिद्धांत और व्यवहार में, गुणवत्ता में भारत और विश्व के सबसे अच्छे प्रबंधन कार्यक्रमों के समान एक ठोस आधार प्रदान करता है। छात्र नैतिकता की दृष्टि से और जिम्मेदारी से अपने ज्ञान को लागू करने पर जोर देने के साथ प्रबंधन शिक्षण, विषयों और मसलों में एक सम्पूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।

बहु-आयामी विसर्जन अनुभव

विसर्जन की धारणा, छात्रों को वास्तविक जीवन के वातावरण में उतरने और स्वयं के लिए सीखने से संबंधित है।

  • हम विश्वास करते है कि भविष्य के प्रबंधकों को ग्रामीण भारत को समझना आवश्यक है। पीजीपी के अनिवार्य ‘‘ग्रामीण विसर्जन’’, भारतीय सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर एक पाठ्यक्रम के साथ शुरू होता है जो छात्रों के गांव में एक सप्ताह बिताने के साथ जारी रहता है और जहाँ वे गैरसरकारी संगठनों के साथ मिलकर काम करते हैं तथा पिरामिड सतह के लोगों द्वारा जमीनी वास्तविकताओं और चुनौतियों के सामना की सराहना करते हैं।
  • अध्ययन के प्रथम वर्ष पूरा करने के बाद छात्रों को एक अनिवार्य काॅर्पोरेट इंटर्नशिप, अनुभवात्मक कार्य भारत में या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दुबई, कतर, लंदन और मलेशिया में, कम्पनी के स्थान पर कार्य सीखने का अवसर प्राप्त होता है। यह सीखी गई शैक्षिक सिद्धांतों और अवधारणाओं का संगठनों द्वारा सामना किए जाने वाले असली मुद्दों पर लागू करने का एक अवसर है।
  • अभ्यास पाठ्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एक विशिष्ट द्वितीय वर्ष का वैकल्पिक है जो एक तिहाई से अधिक छात्रों को दक्षिण एशियाई देश या मध्य पूर्व में एक कंपनी में एक जीवंत व्यापार की समस्या पर दो सप्ताह के लिए काम करने का मौका देता है।
  • कोर्सवर्क विसर्जन के हिस्से के रूप में, हम पाठ्यक्रम में संरचित प्रक्रिया के अंतर्गत छात्रों को एक साथ टीम में कार्य करने और नेतृत्व कौशल पर ध्यान केंन्द्रित करते हैं।
वैश्लेषिकी

प्रौद्योगिकी प्रबंधकों के हाथों में डेटा उपलब्ध कराती है जो विश्लेषणात्मक अनिवार्य निर्णय लेने में सहायता करती है। आईआईएम उदयपुर ने बुनियादी ढांचे के विकास व अभिनव पाठ्यक्रम की पुनर्रचना द्वारा छात्रों के विश्लेषणात्मक क्षमताओं के निर्माण में महत्वपूर्ण निवेश किया है। (हमारे अत्याधुनिक ब्लूमबर्ग और विश्लेषणात्मक शोधशाला)।

उद्यमिता

आईआईएम उदयपुर का तीसरा मुख्य क्षेत्र उद्यमिता है। आईआईएम उदयपुर का उद्देश्य कई आयामों पर उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। गहन सलाह और समर्थन, सैद्धांतिक और व्यावहारिक शोध और लचीले कैरियर विकास के विकल्प छात्रों को उनकी उदयमशीलता महत्वकांक्षा का पता लगाने के लिए स्वतंत्रता है।

एक वैश्विक परिपेक्ष्य

आईआईएम उदयपुर दृढ़ विश्वास रखता है कि अग्रणियों (लीडर्स) का सबसे अच्छा विकास एक बहु सांस्कृतिक वातावरण में होता है। लगभग 60 प्रतिशत छात्र दो साल के कार्यक्रम के दौरान 2 सप्ताह से लेकर तीन महीनें की अवधि के लिये विदेशों में काम करने या अध्ययन के कई विकल्पों का लाभ लेते हैं। अतंर्राष्ट्रीय निवेश सांस्कृतिक मूल्यों और स्थानीय कानूनों के प्रभाव के बारे में उनकी समझ को बढ़ाता है और अपने निजी और बौद्धिक ज्ञान को बढ़ाने में सहायता करता है। इन अवसरों में सम्मिलित हैंः

  • अंतर्राष्ट्रीय काॅर्पोरेट इंटर्नशिप
  • इंटरनेशनल बिजनेस अभ्यास (आईबीपी)
  • छात्र विनिमय कार्यक्रम
  • वैश्विक व्यापार परियोजना (जीबीपी)

अधिगम लक्ष्‍य

प्रशिक्षत प्रबंधकों को व्‍यावसायिक रूप से सफल बनने के लिए महत्‍वपूर्ण कौशल प्राप्‍त करने की आवश्‍यकता होती है। इसमें संचार कौशल, विश्‍लेषणात्‍मक कौशल, यह समझना कि बहु संस्‍कृति टीमों का प्रबंधन कैसे किया जाए और कई अन्‍य कौशल शामिल हैं। इसके साथ वैज्ञानिक प्रबंधन पद्धति का संपूर्ण ज्ञान होना चाहिए जो दैनिक निर्णय निर्धारण को निदेशित करेगा और विभिन्‍न प्रबंधन क्षेत्रों तथा उनके उपयोग के बारे में जागरूकता होनी चाहिए।

इन बातों को ध्‍यान में रखते हुए, पीजीपी के लिए निम्‍नलिखित अधिगम लक्ष्‍य निर्धारित किए गए थे:

व्‍यापार विषयों में समेकन

विभिन्‍न प्रबंधन क्षेत्रों से लेते हुए एक ढांचे का लागू करने की योग्‍यता।

संचार कौशल

मौखिक संचार और साथ-साथ विश्‍लेषणात्‍मक, सिंथेटिक एवं लेखन कौशल के विकास में दक्षता।

टीम डायनेमिकस

एक टीम के रूप में उत्‍पादक रूप से कार्य करने की योग्‍यता।

अवस्‍थापनात्‍मक सोच

प्रमुख मुददों का विश्‍लेषण करने तथा वैकल्‍पिक हल निकालने की योग्‍यता।

नैतिक जिम्‍मेदारी

आईआईएमयू का लक्ष्‍य जिम्‍मेदार नेता तैयार करना है। छात्रों को कडी और गहरी वैयक्‍तिक नीति संहिता के साथ जीने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

यह माना जाता है हालांकि पाठयचर्या इन लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएगा, शिक्षण कक्ष से बाहर अनुभव और अधिगम भी समानरूप से महत्‍वपूर्ण होगा।